कश्मीर मुद्दे पर एक बार फिर पाकिस्तान का प्रोपेगंडा फेल हो गया। शनिवार को नाइजर के नियामे शहर में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) की मीटिंग हुई। पाकिस्तान ने इसके एजेंडे में कश्मीर मुद्दा शामिल कराने की कोशिश की। लेकिन, उसकी यह चाल नाकाम हो गई। उसने इस्लामोफोबिया के जरिए भारत को घेरने की साजिश रची। लेकिन, यहां भी वह नाकाम रहा।
कामयाब नहीं हुए मंसूबे
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान कश्मीर मुद्दे को इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर हाईलाइट करने के लिए तमाम कोशिशें कर रहे हैं। 57 मुस्लिम देशों के संगठन OIC की मीटिंग में इमरान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी पहुंचे। उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 से हटाए जाने के मुद्दे पर भारत को घेरने की कोशिश की। लेकिन, संगठन ने इस मुद्दे को अपने एजेंडे में ही शामिल करने से इनकार कर दिया।
इस्लामोफोबिया पर भी नाकाम
कुरैशी जब कश्मीर को OIC के एजेंडे में शामिल कराने में नाकाम हो गए तो उन्होंने इस्लामोफोबिया का कार्ड खेलकर भारत को घेरने की कोशिश की। कई बार इस मुद्दे का जिक्र किया और भारत समेत कई देशों के बारे में गलत तथ्य पेश किए। लेकिन, उनकी यह चाल भी नाकाम हो गई। ऑर्गनाइजेशन ने अपनी थीम ‘आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता, शांति और विकास’ रखी। संगठन के महासचिव यूसुफ अल ओथेइमिन ने साफ कर दिया कि विदेश मंत्रियों की इस बैठक में सिर्फ मुस्लिम देशों के सामूहिक मुद्दों पर विचार किया जाएगा।
भारत के साथ सऊदी अरब
पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ ने एक रिपोर्ट में कहा- कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान चर्चा कराना चाहता है। लेकिन, 57 मुस्लिम देशों के इस संगठन का सबसे ताकतवर देश सऊदी अरब वीटो गेम खेल रहा है। यह सऊदी अरब और यूएई के पाकिस्तान से रिश्तों का मुश्किल दौर है।






