एग्री गोल्ड पोंजी घोटाला (Agri Gold Ponzi Scam ) मामले को अंजाम देने से पहले करीब 150 से ज्यादा शैल कंपनियां (Shell companies) बनाई गयाी और उसके मार्फत उन करोड़ो रुपये का लेन देन किया गया.
केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ( Enforcement Directorate ) ने 6,380 करोड़ रुपये के एग्री गोल्ड पोंजी घोटाला में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने एग्री गोल्ड पोंजी कंपनी के तीन प्रमोटरस को गिरफ्तार किया है. जिन्हें कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. आपको बता दें ईडी (ED ) ने ये कार्रवाई आंध्रप्रदेश (Andhra pradesh ) , तेलेंगाना (Telangana ) और कर्नाटक (Karnataka ) ,छत्तीसगढ़ (Chattisgarh ) , उड़ीसा (Odisa ) , महाराष्ट्र (Maharastra ) ,तमिलनाडु (Tamilanadu ) सहित करीब 9 राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर की है.
32 लाख लोगों को लगाया चूना- इस घोटाला में आरोपियों ने करीब 32,02,628 ( investor accounts ) से ज्यादा लोगों को चूना लगाया है. जिसमें आरोपियों ने 6,380 करोड़ से ज्यादा चिटफंड की राशि को गबन किया है. ऐसे में कई राज्यों के पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए थे. जिसमें ईडी ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के तीन प्रमोटरों को गिरफ्तार किया है. आपको बता दें इस घोटाले को अंजाम देने वाले आरोपियों की लिस्ट में एग्री गोल्ड ग्रुप के कंपनियों के प्रमुख प्रोमोटर अववा वेंकट रामा राव सहित के साथ कई और आरोपी है. वहीं ईडी के अनुसार एग्री गोल्ड ग्रुप के प्रोमोटर अववा वेंकट रामा राव का नाम पहले भी एक पोंजी स्कीम में आ चुका है.
आरोपियों ने 150 से ज्यादा शैल कंपनियां बनाई- एग्री गोल्ड पोंजी घोटाला (Agri Gold Ponzi Scam ) मामले को अंजाम देने से पहले करीब 150 से ज्यादा शैल कंपनियां बनाई गयाी और उसके मार्फत उन करोड़ो रुपये का लेन देन किया गया. ईडी के अनुसार इस साजिश के लिए एग्री गोल्ड ग्रुप के अववा वेंकट रामा राव के परिवार के कई सदस्यों की भूमिका संदिग्ध है. वहीं शुरुवाती जांच में सातों भाइयों का नाम इस घोटाले में जुड़ते हुए दिखाई दें रहे हैं.
कैसे इस घोटाले को दिया गया अंजाम- एग्री गोल्ड ग्रुप की कंपनियों के द्वारा पिछले कुछ सालों पहले एक साजिश (planned conspiracy ) के तहत चिटफंड स्कीम ( tricks of the trade in that scheme ) की शुरुआत की गई थी. जिसके तहत ये आश्वासन दिया गया था कि जो लोग इस स्कीम के तहत पैसों का निवेश करेंगे. उसे उसके द्वारा निवेश किए गए पैसों के बदले कृषि योग्य विकसित किया गया जमीन बेहद उचित दर पर उपलब्ध कराया जाएगा , अगर कोई निवेशक उस जमीन को नहीं लेना चाहेगा. तो उसे उस निवेश के बदले काफी ज्यादा और आकर्षक दर पर ब्याज सहित उसके मूल धन को वापस किया जाएगा. इसी चिटफंड स्कीम को देश के कई राज्यों में एक साथ फैलाया गया. जिसके चक्कर में लोग फंसते चले गए. ईडी के मुताबिक इस चिटफंड घोटाले के तहत 32 लाख लोगों को इस ग्रुप में जोड़ा गया और उनसे निवेश कराया गया. वहीं ईडी के अनुसार इस मामले की तफ्दीश जारी है. जिसमें कई और लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी.






