Home छत्तीसगढ़ Jhiram Ghati Naxal Attack: रिपोर्ट पर सवाल, पीड़ित ने कहा- जांच आयोग...

Jhiram Ghati Naxal Attack: रिपोर्ट पर सवाल, पीड़ित ने कहा- जांच आयोग ने मेरा बयान नहीं लिया.

3
0

झीरम घाटी न्यायिक जांच आयोग ने 10 वॉल्यूम में 4184 पन्नों की रिपोर्ट राज्यपाल को सौंप दी है. झीरम घाटी घटना के पीड़ित शिव सिंह ठाकुर ने जांच आयोग की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराई है. News 18 से खास बातचीत में ठाकुर ने कहा कि बीते 8 सालों में जांच आयोग ने मेरा एक बार भी बयान नहीं लिया. न ही कोई पत्राचार किया. तो फिर जांच रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई. उन्होंने यह भी कहा कि मुझे इस कांड की पूरी जानकारी है. मैं रमन राज में हुए घटनाक्रम का पर्दाफाश कर देता इसलिए जांच आयोग ने मेरा बयान तक नहीं लिया. आयोन ने न केवल मेरा, बल्कि उस दौरान मेरे साथ गाड़ियों में मौजूद अन्य साथियों से भी आज तक कोई पूछताछ नहीं की गई.

गौरतलब है कि 2013 में 25 मई को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा सुकमा जिले से जगदलपुर के लिए रवाना हुई. परिवर्तन यात्रा का काफिला जैसे ही दरभा घाटी के झीरम मोड़ पर पहुंचा घात लगाकर बैठे सौकड़ों नक्लियों ने ब्लास्ट करने के बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू कर दी. करीब आधे घंटे तक फायरिंग करने के बाद कांग्रेस नेताओं का नाम ले-लेकर बाहर निकाला और उनकी जघन्य हत्या कर दी थी. घटना में कुल 32 लोगों की मौत हुई थी. उन्हें बाद में सरकार ने शहीद का दर्जा दिया था. घटना में कांग्रेस के तात्कालिक पीसीसी चीफ नंदकुमार पटेल, बस्तर टाइगर कहे जाने वाले महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल सहित उदय मुदलियार, योगेंद्र शर्मा, अजय भिंसरा सहित दर्जनभर प्रमुख नेताओं की हत्या कर दी गई थी.

न्यायिक जांच आयोग से SIT तक
घटना के बाद तात्कालिक रमन सिंह सरकार ने न्यायिक जांच रिपोर्ट का गठन कर NIA जांच के लिए केंद्र को अनुशंसा की थी. उसके बाद केंद्र ने NIA जांच कराई. साल 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस की सरकार ने SIT का गठन कर न्यायिक जांच आयोग के जांच बिन्दुओं में आठ नए बिन्दु शामिल किया.