Credit Card Fraudulent: बैंक ने शाह को सारे पैसे देने को कहा. बैंक का कहना था कि कुछ ट्रांजैक्शन OTP के जरिए हुए.
ऑन लाइन शॉपिंग के इस दौरा में क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का चलन काफी ज़्यादा बढ़ गया है. लेकिन इसके साथ- साथ गैरकानूनी ट्रांजैक्शन ( Credit Card Fraudulent) की संख्या भी काफी ज़्यादा बढ़ गई है. कई बार ऐसी घटना सामने आई है कि क्रेडिट कार्ड आपके पास है और शॉपिंग कोई और कर रहा है. ऐसे हालात में ग्राहकों को लाखों का चूना लग जाता है. ग्राहक आनन-फानन में बैंक को फोन कर कार्ड को ब्लॉक करवाता है. लेकिन इसके बावजूद कई बार बैंक ग्राहकों से फर्जी ट्रांजैक्शन के पैसे वसूल लेती है. बेंगलुरु के एक शख्स के साथ ऐसा हुआ. उनके कार्ड से किसी ने 3.9 लाख रुपये उड़ा लिए. शिकायत करने के बाद भी बैंक ने उनसे पैसे वसूल लिए. मामला कोर्ट पहुंचा और बैंक वाले को पैसे वापसदेने करने का आदेश दिया गया.
क्या है पूरा मामला?
बेंगलुरु के रहने वाले मनोज शाह के पास स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक बैंक का क्रेडिट कार्ड था. 1 जून 2018 को उनके कार्ड किसी ने 3.7 लाख रुपये उड़ा लिए. उन्होंने तुरंत कस्टमर केयर में कॉल किया. बैंक की तरफ से कहा गया कि उनका कार्ड ब्लॉक कर दिया गया है. मनोज ने साइबर क्राम ब्रांच में FIR भी दर्ज करवा दिया. लेकिन उनके कार्ड पर थोड़ी देर पर बाद 19439 रुपये का एक और ट्रांजैक्शन हो गया. शाह ने एक बार फिर से बैंक को इसकी जानकारी दी. बैंक की तरफ से कहा गया कि इसकी जांच होगी.
बैंक ने पैसे देने से मना किया
कुछ दिनों के बाद बैंक ने शाह को सारे पैसे देने को कहा. बैंक का कहना था कि कुछ ट्रांजैक्शन OTP के जरिए हुए. इसलिए उन्हें पैसे देने होंगे. शाह ने इसकी शिकायत कंज्यूमर कोर्ट में की. कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि ये सारी गलती बैंक की है. कोर्ट की तरफ से बैंक को कुछ कागजात दिखाने के लिए भी कहा गया. लेकिन बैंक कोई डॉक्यूमेंट नहीं दिखा सकी.
कोर्ट का आदेश
कोर्ट ने बैंक से 393639 रुपये वापस करने के लिए कहा. इसके अलावा बैंक को कानूनी खर्चे के तौर पर 5 हजार रुपये और वापस करने के लिए कहा गया. शाह ने बैंक से हर्जाने की भी मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने कहा कि पब्लिक फंड से कोर्ट का खर्चा चलता है इसलिए ये संभव नहीं है.






